Uncle ne Maa ko Kitchen me Choda
रात का समय था। घर में सन्नाटा छाया हुआ था। रवि अपनी माँ के बारे में सोच रहा था। माँ, सीमा, एक ४२ साल की औरत थीं, जिनकी बॉडी अभी भी जवां लगती थी। उनके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल गंधी कूल्हे किसी को भी ललचा सकते थे। रवि, २० साल का लड़का, अपनी माँ को हमेशा से ही गलत नजरों से देखता था। लेकिन आज रात कुछ अलग था। उसके अंकल, माँ के सौतेले भाई, घर आए हुए थे। अंकल राजेश, ४५ साल के, मोटे तगड़े बदन वाले, हमेशा माँ पर फिदा रहते थे।
रवि अपने कमरे में लेटा हुआ था, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। उसे किचन से हल्की-हल्की आवाजें सुनाई दे रही थीं। जिज्ञासा में वह बिस्तर से उठा और धीरे-धीरे दरवाजे की ओर बढ़ा। किचन की तरफ से पानी का बहाव और कोई फुसफुसाहट सुनाई दे रही थी। रवि ने सावधानी से दरवाजा खोला और बाहर झाँका।
किचन की लाइट धीमी थी। माँ वहाँ खड़ी थीं, रात का गाउन पहने हुए, जो उनके शरीर से चिपका हुआ था। अंकल राजेश उनके पीछे खड़े थे। राजेश का हाथ माँ के कंधे पर था, धीरे-धीरे नीचे सरक रहा था। ‘सीमा, तू अभी भी वैसी ही है, जैसी बचपन में थी,’ राजेश ने फुसफुसाते हुए कहा। माँ ने हल्का सा मुस्कुराया, लेकिन उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। ‘राजेश, ये क्या कर रहे हो? रवि सो रहा है,’ माँ ने धीमी आवाज में कहा, लेकिन उनका शरीर पीछे की ओर झुक रहा था।
राजेश ने हँसते हुए अपना हाथ माँ की कमर पर रख दिया। ‘रवि को क्या पता चलेगा? तू तो जानती है, मैं तुझसे कितना प्यार करता हूँ।’ उसका हाथ और नीचे सरका, माँ के गंधी पर पहुँच गया। माँ ने हल्का सा सिसकना लिया, लेकिन रुकने की कोशिश नहीं की। रवि छिपकर देख रहा था, उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। उसे गुस्सा भी आ रहा था, लेकिन साथ ही एक अजीब सी उत्तेजना भी महसूस हो रही थी।
अचानक राजेश ने माँ को पकड़ लिया और उन्हें किचन काउंटर की ओर मोड़ दिया। माँ झुक गईं, उनके हाथ काउंटर पर टिक गए। राजेश ने जल्दी से अपना पैंट खोला और अपना मोटा लंड बाहर निकाल लिया। वो लंड काला और मोटा था, कम से कम ८ इंच लंबा। माँ ने पीछे मुड़कर देखा, उनकी आँखें फैल गईं। ‘राजेश, नहीं… ये गलत है,’ लेकिन उनकी आवाज में विनती कम और उत्सुकता ज्यादा थी।
राजेश ने हँसकर कहा, ‘गलत? तू तो खुद चाहती है।’ उसने माँ के गाउन को ऊपर चढ़ा दिया। माँ के अंदरूनी कपड़े नजर आए – काले रंग का पैंटी, जो पहले से ही गीली लग रही थी। राजेश ने पैंटी को एक तरफ सरका दिया और अपना लंड माँ की चूत पर रगड़ने लगा। माँ की साँसें तेज हो गईं। ‘आह… राजेश…’ माँ ने धीरे से कहा।
रवि का मुंह सूख गया। वह देख रहा था कैसे अंकल का लंड माँ की चूत में धीरे-धीरे अंदर जा रहा था। माँ की चूत गीली थी, लेकिन लंड इतना मोटा था कि माँ ने दर्द से चीख ली। ‘आह्ह्ह! राजेश, धीरे…’ लेकिन राजेश ने सुना नहीं। वह पूरी ताकत से झटका मारकर लंड अंदर डाल दिया। माँ का शरीर काँप गया, उनकी चीख किचन में गूँज उठी। ‘ओह्ह्ह… तेरी चूत कितनी टाइट है, सीमा!’ राजेश ने कहा और जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
माँ काउंटर पर झुकी हुई थीं, उनके स्तन गाउन से बाहर लटक रहे थे। हर धक्के के साथ उनके स्तन हिल रहे थे। चीखें निकल रही थीं – ‘आह… आह… राजेश… मार डालेगा तू…’ लेकिन उनका शरीर पीछे की ओर धकेल रहा था, जैसे वे और गहराई चाहती हों। राजेश ने एक हाथ से माँ के बाल पकड़े और दूसरे से उनके कूल्हे। ‘हाँ, चिल्ला… तेरी चीखें सुनकर मजा आता है,’ वह बोला। लंड अंदर-बाहर हो रहा था, चूत से गीला रस बह रहा था।
रवि अपने पैंट के अंदर हाथ डाल चुका था। वह अपना लंड सहला रहा था, माँ की चीखें सुनकर। उसे ईर्ष्या हो रही थी, लेकिन उत्तेजना ज्यादा। माँ की चीखें तेज हो गईं जब राजेश ने स्पीड बढ़ा दी। ‘उफ्फ… तेरी चूत चूस रही है मेरे लंड को… साली रंडी!’ राजेश ने गंदे शब्द कहे। माँ ने विरोध नहीं किया, बल्कि और चिल्लाईं, ‘हाँ… चोद मुझे… जोर से…’ उनके चेहरे पर दर्द और सुख का मिश्रण था।
कुछ मिनटों बाद राजेश ने माँ को पलटा दिया। अब माँ काउंटर पर पीठ के बल लेटी हुई थीं। राजेश ने उनके पैर फैलाए और फिर से लंड अंदर ठूंस दिया। माँ की चीखें और तेज – ‘आह्ह्ह! बस… बहुत गहरा…’ लेकिन राजेश रुका नहीं। वह ऊपर झुका और माँ के होंठ चूसने लगा। माँ ने भी जवाब दिया, उनकी जीभ बाहर आ गई। नीचे लंड चुदाई कर रहा था, ऊपर चुंबन। माँ के नाखून राजेश की पीठ पर खरोंच रहे थे।
रवि अब और पास आ गया था, लेकिन अंधेरे में छिपा हुआ। वह देख रहा था कैसे अंकल का लंड माँ की चूत को चीर रहा था। चूत के होंठ लाल हो चुके थे, रस टपक रहा था। माँ की चीखें अब सिसकियों में बदल रही थीं – ‘राजेश… मैं… आ रही हूँ…’ अचानक माँ का शरीर काँपने लगा। उनकी चूत सिकुड़ गई, लंड को जकड़ लिया। राजेश ने भी गति बढ़ाई, ‘हाँ… मैं भी… ले मेरी औलाद!’ और उसने जोर का धक्का मारकर कम में झड़ दिया। गर्म वीर्य माँ की चूत में भर गया। माँ की आखिरी चीख गूँजी – ‘ओह्ह्हह्ह!’ फिर वे दोनों शांत हो गए।
राजेश ने लंड बाहर निकाला। माँ की चूत से सफेद रस बह रहा था। माँ अभी भी हाँफ रही थीं। राजेश ने उन्हें चूमा और कहा, ‘कल फिर मिलेंगे।’ फिर वह चुपचाप चला गया। माँ उठीं, गाउन ठीक किया और किचन साफ करने लगीं। रवि वापस अपने कमरे में लौट गया, लेकिन उसका दिमाग भरा हुआ था।
अगले दिन सुबह सब कुछ सामान्य लग रहा था। माँ रसोई में नाश्ता बना रही थीं। रवि आया और बोला, ‘माँ, रात को सब ठीक था न?’ माँ चौंकीं, लेकिन मुस्कुराईं, ‘हाँ बेटा, सब ठीक।’ लेकिन रवि जानता था। शाम को अंकल फिर आए। इस बार रवि ने इंतजार किया। रात में फिर वही आवाजें। लेकिन इस बार रवि ने फैसला किया कि वह सिर्फ देखेगा नहीं।
रात के १२ बजे। किचन में फिर वही दृश्य। माँ झुकी हुईं, अंकल पीछे से चोद रहे थे। माँ की चीखें – ‘आह… राजेश… तेरा लंड कितना मोटा है…’ रवि धीरे से अंदर आया। दोनों ने सुना नहीं। रवि ने अपना लंड बाहर निकाला और माँ के पास पहुँच गया। माँ ने आँखें खोलीं और चौंक गईं। ‘रवि! तू…’
लेकिन रवि ने कहा, ‘माँ, मैं सब देख रहा था। अब मेरी बारी।’ अंकल हँसे, ‘आ जा बेटा, तेरी माँ सबकी है।’ माँ शर्म से लाल हो गईं, लेकिन विरोध नहीं किया। रवि ने माँ के मुँह के पास अपना लंड रख दिया। माँ ने हिचकिचाते हुए चूसना शुरू कर दिया। अंकल पीछे से चुदाई जारी रखे हुए थे। माँ की चीखें अब लंड से दबी हुई थीं – ‘म्म्म… आह…’
रवि का लंड माँ के मुँह में अंदर-बाहर हो रहा था। माँ चूस रही थीं, जीभ से लंड चाट रही थीं। अंकल ने कहा, ‘देख, तेरी माँ कितनी अच्छी ब्लोजॉब देती है।’ रवि ने माँ के बाल पकड़े और जोर से धक्का दिया। माँ की आँखों से आँसू आ गए, लेकिन वे जारी रहीं। नीचे अंकल का लंड चूत को पेल रहा था। माँ का शरीर दो तरफ से घिरा हुआ था।
कुछ देर बाद अंकल ने फिर कम झाड़ दिया। माँ की चूत भर गई। फिर रवि ने माँ को पलटा दिया। अब वह माँ की चूत में अपना लंड डालने वाला था। माँ ने कहा, ‘रवि, ये गलत है… तू मेरा बेटा है।’ लेकिन रवि ने सुना नहीं। उसका लंड सीधा चूत में घुस गया। अंकल का रस अभी भी वहाँ था, तो आसानी से अंदर चला गया। माँ चीखीं, ‘आह्ह्ह! बेटा… तेरी चुदाई…’ रवि ने जोर-जोर से धक्के मारे। माँ के स्तन हिल रहे थे, वह उन्हें सहलाने लगा।
अंकल ने माँ के मुँह में अपना लंड डाल दिया। अब माँ दो लंडों से चुद रही थीं – एक चूत में, एक मुँह में। उनकी चीखें दबी हुई थीं। रवि महसूस कर रहा था माँ की चूत कितनी गर्म और गीली है। ‘माँ, तू कितनी रंडी है,’ वह बोला। माँ ने विरोध में सिर हिलाया, लेकिन शरीर सहयोग कर रहा था।
चुदाई तेज हो गई। रवि ने माँ के कूल्हे पकड़े और गहराई से पेला। माँ फिर से झड़ने लगीं। उनकी चूत सिकुड़ी, रवि को भी उत्तेजना हुई। ‘माँ… मैं… ‘ और वह भी कम में झड़ गया। गर्म वीर्य माँ की चूत में मिल गया। अंकल ने मुँह में झाड़ा। माँ ने सब निगल लिया।
तीनों हाँफ रहे थे। माँ उठीं, उनके चेहरे पर संतुष्टि थी। ‘तुम दोनों पागल हो,’ उन्होंने कहा, लेकिन मुस्कुराते हुए। रवि ने माँ को गले लगाया, ‘माँ, अब तू मेरी भी है।’ अंकल हँसे, ‘हाँ, अब ये घर का राज बनेगा।’
उस रात से सब बदल गया। हर रात किचन में या बेडरूम में चुदाई होती। माँ कभी अंकल से, कभी रवि से, कभी दोनों से। उनकी चीखें घर भरतीं। रवि को अब ईर्ष्या नहीं होती, बल्कि मजा आता। माँ की चूत हमेशा गीली रहती, लंडों के लिए तैयार। कभी गैंगबैंग जैसा सीन बनता, जब अंकल दोस्त लाता। माँ सहती सब, चीखतीं और झड़तीं।
एक दिन रवि ने माँ को अकेले पकड़ा। ‘माँ, आज सिर्फ तू और मैं।’ माँ मुस्कुराईं और बेड पर लेट गईं। रवि ने उनके कपड़े उतारे। माँ के नंगे शरीर को देखा – बड़े स्तन, गुलाबी निप्पल, चिकनी चूत। वह स्तनों को चूसा, फिर चूत चाटी। माँ सिसकने लगीं, ‘बेटा… तेरी जीभ… आह…’ फिर रवि ने लंड डाला और धीरे-धीरे चोदा। माँ की चीखें – ‘जोर से… चोद अपनी माँ को…’ रवि ने पूरी ताकत लगाई। कमरे में सिर्फ चुदाई की आवाजें। आखिर में दोनों साथ झड़े।
ये कहानी जारी रही। भाई का स्पर्श, अंकल का लंड, माँ की चीखें – सब मिलकर एक अनंत सुख की दुनिया बना गए।
क्या आप अपने हिसाब से अपनी imagination स्टोरी audio या text में बनवाना चाहते हो तो हमे whatsapp या telegram पे मैसेज करे ।
और अगर आप चूदाई वाली Premium Audio Story सुनना चाहते हो तो Telegram पे Massage करे Telegram Id : @audiostory69 Or Whatsup : 63549 60635
AudioStory69 Me milegi aapko
-> (Mom Special Season)Jisme Appko Milegi Maa ki chudai ki kahani jisme maa ko dost ke sath teacher ke sath Boss ke sath, Train me bus me hotel me sex iss tarah ki bahot sari story rahegi group sex maa ko animal ke sath sex, Maa bete ki aur bhi iss tarah ki 5000 se jyada story hai
-> (Sister Special Season)Jisme Appko Milegi Behan ki chudai ki kahani jisme Behan ko cousine bhai, behan ka bf, dost, teacher ke sath Boss ke sath, Train me bus me hotel me sex iss tarah ki bahot sari story rahegi group sex Behan ko animal ke sath sex, Bhai Behan ki aur bhi iss tarah ki 2000 se jyada story hai
-> (Wife Special Season)Jisme Appko Milegi Wife ki chudai ki kahani jisme Wife ko dost ke sath Nokar ke sath Boss ke sath, Train me bus me hotel me sex iss tarah ki bahot sari story rahegi group sex, Wife ko animal ke sath sex, Wife ki aur bhi iss tarah ki 2000 se jyada story hai
-> (Family Special Season)Jisme Appko Milegi Gf bf, kamwali bai,bhabhi, policewali, forced sex stories, BDSM, Gay lesbian aur bhi bahot sari Story aap ko Family season me milegi 2000 se jyada story avaiable hai to agar aap intrested hai Story Sun ne me to aaj hi premium story ke liye msg kare Telegram ID : @audiostory69 Or Whatsup : 63549 60635