Aunty ko choda
दोस्तो, कैसे हो!
मैं कमल … करनाल का रहने वाला हूँ.
आज मैं आपको एक सेक्सी आंटी की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूं जिसकी चूत चोदने के लिए मुझे बहुत कुछ करना पड़ा।
जिस बिल्डिंग में मैं रहता हूँ, उसके सामने वाले फ्लैट में मोनिका नाम की 40 साल की आंटी रहती हैं.
मोनिका आंटी को सेक्स बॉम्ब कहो तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
इतनी सेक्सी आंटी मैंने कभी नहीं देखी थी।
उसके फिगर को देखकर कोई भी लार टपका दे।
दोस्तो, मुझे वह इतनी ज्यादा पसंद थी कि मैं आंटी की चुदाई के लिए कुछ भी करने को तैयार था।
उसकी मोटी-मोटी गोल चूचियां पोर्न एक्ट्रेस को भी फेल करती थीं।
आंटी के बदन में जो सबसे सेक्सी हिस्सा था … वो थी उसकी गांड!
ऐसी गोल और गदराई गांड थी कि देखकर ही लौड़ा बिना मुठ मारे ही पानी छोड़ दे।
मोनिका आंटी का एक लड़का था जो मेरा बहुत अच्छा दोस्त था।
लेकिन वह कभी-कभी घर आता था; वह दिल्ली में रहा करता था।
वह जब भी आता मेरे साथ ही रहता।
मेरा घर मोनिका आंटी के पास ही था तो कोई न कोई काम आंटी को पड़ता ही रहता था।
उस लड़के ने मुझसे कह रखा था कि वह जब भी घर से बाहर रहे तो मैं ही आंटी का ख्याल रखूं, उसका ध्यान रखूं।
मैं मन ही मन कहता था कि मेरा तो ध्यान सिर्फ आंटी पर ही रहता है, और कहीं जाता ही नहीं।
हालांकि आंटी को मेरी और उसके बेटे की दोस्ती ज्यादा पसंद नहीं थी।
फिर भी मजबूरी में वह मेरे पास ही आती थी इसलिए ज्यादा कुछ बोल नहीं पाती थी।
घर में वह ज्यादातर लोअर-टीशर्ट में रहती थी।
उसमें उसके चूतड़ों की गोलाई और चूचियों का उभार अलग ही चमकता था।
इतना सेक्सी माल मैंने कभी नहीं देखा था।
हर रात अपने लौड़े पर तेल लगा कर मैं आंटी के बारे में पोर्न आंटी हार्डकोर सेक्स सोच सोच कर मुठ मारता कि कैसे आंटी को चोदूं।
मैं बस आंटी को चोदने के ख्यालों में रहता था।
एक रात मैंने दारू पीने का प्रोग्राम बनाया।
अकेला था तो सोचा आज थोड़ा एंजॉय कर लूं।
रात के 9 बजे थे।
तीन पैग लगा कर मैं मोबाइल को फ्लाइट मोड पर करके सेक्स वीडियो देखने लगा।
फ्लाइट मोड इसलिए कि कभी कोई भोसड़ी का फोन करके सारा मूड खराब न कर दे।
मेरे फोन में हमेशा सेक्स वीडियो पड़ी रहती थी।
तो मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और बिल्कुल नंगा हो गया।
दारू पीते हुए मैं अपने तेल लगे लंड को सहलाते हुए पोर्न के मजे ले रहा था।
एकदम से मेरे दरवाजे की बेल बजी।
टाइम देखा तो 10 बज चुके थे।
सोचा इस वक्त कौन अपनी मम्मी चुदवाने आया है यहां पर!
मैं सिर्फ लोवर पहन कर ही दरवाजा खोलने चला गया।
दरवाजा खोला तो सामने आंटी खड़ी थी।
मैं तो उसे देखता ही रहा गया।
वह नाईटी पहने हुए थी, उसके बाल खुले हुए थे।
लंड तो पहले से ही गर्म था।
आंटी का यह सेक्सी, नाइटी वाला रूप देखकर एकदम से फिर से तनाव में आने लगा मेरा लौड़ा!
मैं- क्या बात है आंटी, इस वक्त कैसे आना हुआ?
आंटी- कुछ नहीं, मेरा बेटा तुझसे कुछ बात करना चाहता है, ये ले बात कर ले, तेरा फोन बंद बता रहा है।
मैंने कहा- ठीक है, आप अंदर तो आओ।
वह अंदर आई और फोन मुझे दे दिया।
मैं फोन पर बात करता हुआ बाहर निकल गया।
फिर याद आया कि मेरी दारू की बोतल और फोन भी अंदर ही पड़ा है।
फोन में पोर्न चलता हुआ मैं ऐसे ही छोड़ आया था।
सोचा कि कहीं आंटी ने देख लिया तो क्या सोचेगी।
मैं जल्दी से वापस घर के अंदर गया।
फिर मैंने फोन वापस उसे दे दिया।
आंटी- हो गई बात?
मैं बोला- हां हो गई।
वह फिर कुछ गुस्से से बोली- तुझे शर्म नहीं आती है क्या? मेरे बेटे का दोस्त है, जैसे तू रहता है वैसे ही उसे भी सब गंदी चीजें सिखा देगा। यहां दारू पी रहा है बैठकर … और ये फोन में क्या गंदे वीडियो चल रहे हैं!
मैं कुछ नहीं बोल सका.
फिर अपना बचाव करते हुए धीरे से कहा- क्या करूं आंटी, मैं घर पर अकेला पड़ा रहता हूं, मन ही नहीं लगता है, आज बहुत मन उदास था तो सोचा पीकर बहला लेता हूं। और मैं रोज नहीं पीता हूं। ये तो बस थोड़ा सा आज इंजॉय कर रहा था।
आंटी- अच्छा, चलो ठीक है, मन बहला रहा था … लेकिन इसमें इस तेल का भी क्या काम है? तेल लेकर क्या कर रहा था?
मैं समझ गया कि आंटी ने मेरी चोरी पकड़ ली थी।
लेकिन आंटी की बात सुनकर मेरा तो लौड़ा तना जा रहा था।
आंटी भी मेरे तनाव में आते लंड को देख रही थी।
फिर आंटी ने जो कहा, उस पर मैं विश्वास नहीं कर पाया।
वह बोली- चल ठीक है, कोई बात नहीं, ला … एक-दो पैग मेरे लिए भी बना दे।
मुझे बहुत हैरानी हुई यह सुनकर!
पर मैं पैग बनाने लगा।
जब आंटी पैग चढ़ाने लगी तो मुझे पता चला कि यह मजाक नहीं था।
मैं तो देखता ही रह गया।
पैग चढा़कर वह बोली- चल एक और बना दे।
आंटी उसे भी गटक गई।
देखते ही देखते आंटी ने 3 पैग चढ़ा लिए।
फिर बोली- क्या बोल रहा था कुत्ते? मैं मजाक कर रही हूं? अरे तेरे जैसों को तो मैं अपनी चूत के पानी में ही नशेड़ी बनाकर छोड़ दूं।
आंटी ने जैसे ही ‘चूत’ कहा तो मेरी हवस की आग में जैसे तेल फेंक दिया किसी ने … मेरी हवस एकदम से भभक उठी।
पोर्न देखकर मैं पहले ही चुदाई के लिए मरा जा रहा था।
सामने आंटी पैग पीकर मदहोश हुई जा रही थी और चूत की बातें कर रही थी।
मेरा तो दिमाग ही खराब हो गया।
फिर बोली- साले कुत्ते, तू मेरे बेटे को बिगाड़ेगा, जानती हूं मैं, ये बता मेरे बेटे से दूर रहने का क्या लेगा तू?
मैं एकदम से होश में आया, इससे अच्छा मौका क्या हो सकता था कि मैं आंटी से उसकी चूत ही मांग लूं।
मैंने हिम्मत करके कहा- चूत लूंगा आपकी!
वो बोली- मैं जानती थी। लेकिन भोसड़ी के, ऐसे नहीं मिलेगी ये, जो मैं कहूंगी वो करना होगा तुझे!
आंटी से मैंने कहा- जो बोलो वो करूंगा, बस चूत दे दो अपनी!
फिर बोली- चल आ इधर बैठ मेरे पास!
मैं आंटी के पास जाकर बैठ गया।
उसने नशीली नजरों से मेरी तरफ देखा, फिर मेरी गर्दन पर हाथ लाकर अपनी तरफ झुकाते हुए होंठों पर होंठ कस दिए।
हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे।
कुछ पल होंठ चूसकर आंटी ने मुझे पीछे हटा दिया और दारू का पैग खुद ही बनाने लगी।
फिर बोली- मुंह खोल!
मैंने मुंह खोल लिया।
आंटी ने अपने पैग से दारू पी और मुंह में भरकर मेरे मुंह से मुंह सटाकर मुझे पिला दी।
मैं सारी दारू गटक गया।
फिर वो बोली- अब नीचे लेट जा!
मैं लेट गया और आंटी ने उठकर अपनी नाइटी उतार दी।
अब वह नंगी हो गई।
उसके बदन को देखकर मैं तो बेकाबू हो गया।
मेरा लंड फुंफकारें मारने लगा।
क्या चूचियां थीं … क्या चूतड़ थे … बहनचोद!
मैं तो कभी सोच भी नहीं सकता था कि आंटी को कभी ऐसे नंगी देख पाऊंगा।
फिर उसने मेरे मुंह में अंगूठा लगाया और बोतल उठाकर उस पर से दारू की धार बनाकर मेरे मुंह में डालने लगी।
दारू सीधी मेरे गले में उतर रही थी।
कुछ दारू मुंह से नीचे भी गिर रही थी जिससे आंटी के पैर दारू में गीले हो गए थे।
फिर उसने अपने पैरों की उंगलियां मेरे मुंह में देकर चटवाईं।
अब आंटी ने मुझे ऊपर उठने का इशारा किया और अपनी टांगें खोल कर बैठ गई।
आंटी की चूत के बाल काफी बढ़े हुए थे।
उसने दारू चूत पर डाली और मेरे सिर के बाल पकड़ कर अपनी चूत पर मेरा मुंह लगा दिया।
आंटी की चूत के झांट दारू में गीले हो गए थे जिन पर मुंह लगाने में मुझे बहुत मजा आ रहा था।
मैं आंटी की चूत के गीले झांटों को होंठों और जीभ से चूसने की कोशिश कर रहा था।
उसे भी चूत पर मुंह लगवाने में मजा आने लगा; वह मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगी।
मेरे बालों को जोर से कस कर मेरे होंठों को चूत पर जोर से रगड़ रही थी।
वह गालियां भी दे रही थी- आह्ह मादरचोद … आह्ह क्या मजा दे रहा है भोसड़ी के … चाट ले इसे … खा जा बहन के लौड़े … तेरी बहन की चूत साले!
अब आंटी ने मुझे अपनी चूत से हटाया और अपनी टांगें खोल कर चूत में दारू की बोतल का अगले वाला हिस्सा डाल कर हिलाने लगी।
फिर चूत से बोतल का मुंह बाहर निकाल कर मेरे मुंह में डाल दिया।
मैं बोतल के मुंह को चाटने लगा।
उसमें से आंटी की चूत के पानी की खुशबू आ रही थी।
अब उसने दो उंगलियों को दारू में डुबाया और फिर उनको चूत में डाल लिया।
फिर उसने मेरे बाल खींचे और मुंह को चूत पर रखवा दिया।
उसने अपनी चूत के दाने पर मेरे होंठ रगड़वाना शुरू कर दिया।
नीचे से वह अपनी चूत में उंगली चला रही थी और मैं चूत के दाने को होंठों और दांतों से कचोट रहा था।
इससे आंटी पागल हुई जा रही थी।
उसकी चुदास बढ़ती जा रही थी लेकिन वो बड़ी खिलाड़ी लग रही थी मुझे!
मैं तो सोच भी नहीं पा रहा था कि आंटी का अगला स्टेप क्या होगा।
फिर उसने मुझे चूत पर से हटा दिया और मेरे मुंह पर कसकर दो थप्पड़ मार दिए।
फिर मेरे मुंह में चूत से निकाली उंगली डालकर बोली- और मजा लेना है क्या?
मैंने ‘हां’ में मुंडी हिला दी।
फिर उसने दारू की बोतल का अगला हिस्सा मेरे मुंह में लगा दिया और बोली- जितनी दारू गले तक आ सकती है भर ले!
मैंने वैसा ही किया।
आंटी दारू की बोतल उड़ेल रही थी और मेरा पूरा मुंह भरकर फूल गया।
आंटी ने बोतल हटाकर एक तरफ रख दी और फिर अपनी टांगें खोलकर दोनों हाथों से चूत के कपाटों को विपरीत दिशा में हटा दिया।
आंटी की चूत का गुलाबी छेद अंदर तक दिखने लगा।
वह बोली- आ जा, इसमें मुंह लगा दे।
मैंने वैसे ही किया, आंटी की चूत में मुंह लगा दिया।
बोली- अब दारू को इसमें भर दे और फिर खींचकर पी जा!
मैंने आंटी की चूत में अपने मुंह से दारू छोड़ दी।
वो सिसयाने लगी- आह्ह … हाए … उईई … अहाह ओह्ह … क्या मजा आ रहा है … हए!
बोली- पी जा अब … बूंद-बूंद चाट ले!
मैं आंटी की चूत से दारू को होंठों से खींचते हुए पीने लगा।
अब मेरा दिमाग घूमने लगा था।
दारू का नशा सिर चढ़कर बोल रहा था।
आंटी भी मदहोश होती जा रही थी।
वो बोली- आह्ह … अब रुक मत … चाटता चला जा … हाए … आह्ह … मेरी चूत … खा ले इसे कमीने!
मैं भी नशे के वश होकर आंटी की चूत पर टूट पड़ा; जोर-जोर से आंटी की चूत को खाने लगा।
बहुत मजा आ रहा था।
एक तो दारू का नशा, ऊपर से आंटी की चूत का नशा!
पांच मिनट के अंदर ही आंटी की चूत ने ढे़र सारा पानी छोड़ दिया और उसका बदन कांपने लगा।
उसने मेरे सिर को जोर से चूत पर दबा रखा था।
वह जोर से हांफ रही थी।
मेरा हाल भी ऐसा ही था।
आंटी की चूत का पानी पीकर मेरी हवस और ज्यादा बढ़ गई थी।
मैं आंटी की चुदाई के लिए तड़प गया था।
लेकिन आंटी किस ढंग से चुदाई करवाने वाली थी, मुझे कुछ पता नहीं था।
क्या आप अपने हिसाब से अपनी imagination स्टोरी audio या text में बनवाना चाहते हो तो हमे whatsapp या telegram पे मैसेज करे ।
और अगर आप चूदाई वाली Premium Audio Story सुनना चाहते हो तो Telegram पे Massage करे Telegram Id : @audiostory69 Or Whatsup : 63549 60635
AudioStory69 Me milegi aapko
-> (Mom Special Season)Jisme Appko Milegi Maa ki chudai ki kahani jisme maa ko dost ke sath teacher ke sath Boss ke sath, Train me bus me hotel me sex iss tarah ki bahot sari story rahegi group sex maa ko animal ke sath sex, Maa bete ki aur bhi iss tarah ki 5000 se jyada story hai
-> (Sister Special Season)Jisme Appko Milegi Behan ki chudai ki kahani jisme Behan ko cousine bhai, behan ka bf, dost, teacher ke sath Boss ke sath, Train me bus me hotel me sex iss tarah ki bahot sari story rahegi group sex Behan ko animal ke sath sex, Bhai Behan ki aur bhi iss tarah ki 2000 se jyada story hai
-> (Wife Special Season)Jisme Appko Milegi Wife ki chudai ki kahani jisme Wife ko dost ke sath Nokar ke sath Boss ke sath, Train me bus me hotel me sex iss tarah ki bahot sari story rahegi group sex, Wife ko animal ke sath sex, Wife ki aur bhi iss tarah ki 2000 se jyada story hai
-> (Family Special Season)Jisme Appko Milegi Gf bf, kamwali bai,bhabhi, policewali, forced sex stories, BDSM, Gay lesbian aur bhi bahot sari Story aap ko Family season me milegi 2000 se jyada story avaiable hai to agar aap intrested hai Story Sun ne me to aaj hi premium story ke liye msg kare Telegram ID : @audiostory69 Or Whatsup : 63549 60635