Restaurant ke bathroom mein chudai ka maza liya
मैं पुजा शर्मा, उम्र 23 साल, मेरे बूब्स का आकार 34″, कमर 32″, गांड 38″ की है। देखने में भी मैं गोरी हूं। अब आप सब समझ ही गए होंगे मैं कैसी हूं। अब मेरी चुदाई कहानी पर आती हूं।
एक दिन हमारे रिश्तेदार ने एक पार्टी रखी हुई थी एक रेस्टोरेंट में शाम के समय। हमें भी बुलाया हुआ था। पापा-मम्मी के साथ मैं भी गई। जब हम पहुंचे तो पार्टी शुरु हो चुकी थी। मम्मी-पापा सब से मिलने लग गए। मैं एक सीट पर बैठ कर कोल्ड-ड्रिंक पीने लगी।
कुछ देर तक पार्टी में बहुत से लोग आ गए, और पूरा रेस्टोरेंट भर गया। मैं सबसे अकेली बैठी हुई थी। मैंने नोट किया एक वेटर मुझे बहुत देर से देखे जा रहा था। मैं उसको हर बार देख कर अनदेखा कर देती। कुछ देर बाद वो वेटर मेरे पास आ गया और मुझे बोला-
वेटर: आप पुजा शर्मा हो क्या?
मैं: हां मैं पुजा ही हूं। पर आपको मेरा नाम कैसे पता?
वेटर: मुझे तेरा नाम ही नहीं, सब पता है।
मैं: प्लीज बताओ मुझे कौन हो आप?
वेटर: याद करो याद आ जाएगा तुम्हें। जब याद आ जाए, तो मुझे इशारा कर देना।
कुछ पूछ पाती तब तक वेटर चला गया। मैं अब यही सोचने लगी कि यह कौन होगा? और मैं कहीं मिली तो नहीं हूं इससे। काफी देर सोचती रही, पर कुछ याद नहीं आया मुझे। फिर मैं वेटर को यहां-वहां देखने लगी, पर वेटर कहीं नज़र नहीं आ रहा था।
कुछ देर बाद एक वेटर मेरे पास आया, और एक पर्ची मेरे हाथ में देकर चला गया। मैंने पर्ची खोल कर देखी। उसमे लिखा था “उपर के फ्लोर में आ जाओ अगर मेरे बारे मैं जानना है तो”। मैंने पहले सोचा नहीं जानना मुझे उसके बारे में। फिर पता नहीं क्या हुआ मेरे पैर खुद ही ऊपर बाले फ्लोर की तरफ चल पड़े।
जब मैं ऊपर पहुंची तो मैंने देखा वहां एक हाल था, और वो वेटर दीवार के पास खड़ा हुआ था। तो मैं उसके पास गई। फिर जैसे ही उसको पूछने लगी, तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोलने लगा-
वेटर: पुजा तुम तो अब बहुत ही जवान और सेक्सी हो गई हो।
मैं उससे दूर हुई और बोली: यह क्या बदतमीजी है!
फिर उसको एक थप्पड़ मारने के लिए हाथ जैसे ही आगे किया, उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोला-
वेटर: साली तब तो मेरा लंड बहुत चूसती थी, और आज मुझ पर हाथ उठाने जा रही है।
मैं यह सुन कर चुप हो गई और उसको पूछा: अब तो बता दो कौन हो तुम?
तब वेटर बोला: सलीम हूं मैं, जिसका लंड तू क्लास में चूसती थी बहुत प्यार से।
मैं एक-दम से चौंक सी गई। पर सलीम ने मुझे फिर से अपनी बाहों में भर लिया। मैं कुछ नहीं समझ पा रही थी। तभी हाल के दरवाजे पर किसी के आने की आवाज हुई। सलीम मुझे वैसे ही बाथरूम में ले गया।
अब सलीम ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए, और मेरे होंठों का रस-पान करने लगा। कुछ देर तक उसने मेरे होंठो को चूमा।
फिर मुझे बोला: पुजा क्या सोच रही हो तुम?
मैं कुछ नहीं बोली। सलीम ने अपनी पेंट से अपना लंड बाहर निकाल दिया, और मुझे बोलने लगा-
सलीम: पुजा आज भी क्लास वाला प्यार करो ना मेरे लंड को।
मैं सलीम को बोलने लगी: सलीम आज नहीं। आज रहने दो। कोई आ गया तो मुसीबत हो जाएगी।
सलीम नहीं मान रहा था। सलीम ने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। फिर आकर मेरे कपड़ों के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगा, मसलने लगा। मेरा भी हाथ उसके लंड पर चला गया, और मैं भी सलीम के लंड को सहलाने लगी। सलीम ने मुझे फिर से एक किस किया, और मेरी कमीज को ऊपर करने लगा। तो मैं सलीम को मना करने लगी। पर उसकी मजबूत पकड़ के आगे मैं कमजोर पड़ गई।
सलीम ने मेरी कमीज उतार दी। अब सलीम की आंखों के सामने मेरी ब्रा को फाड़ कर बाहर आने को तड़प रहे मेरे चूचे आ गए। सलीम ने बिना देरी किये मेरे चूचों पर अपना मुंह लगा दिया।
कुछ देर में ही सलीम ने मेरे चूचों को ब्रा से आजाद कर दिया। अब सलीम जैसे-जैसे मेरे चूचों को चूसता, मेरे अंदर भी लंड की तड़प लगने लगी। मैंने फिर से सलीम का लंड हाथ में ले लिया और लंड को हिलाने लगी। सलीम ने मेरी सलवार का नाड़ा खींच कर खोल दिया, और मेरी सलवार नीचे गिर गई।
मैं हमेशा बिना पेंटी के ही ज्यादा रहती हूं, जिससे मेरी चूत सलीम के सामने आ गई। मेरी चूत गिली हो चुकी थी। सलीम एक हाथ से मेरी चिकनी चूत को मसलने लगा। अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था, तो मैं नीचे बैठ गई और सलीम का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी। सलीम मेरे सर पर हाथ रख कर बोलने लगा-
सलीम: पुजा आज तक बहुत सी लडकियों से मजा किया है। पर तेरे जैसे कोई नहीं मिली जो इतने अच्छे से लंड चूस सके।
कुछ देर लंड चूसने के बाद सलीम ने मुझे दीवार के साथ झुका कर खड़ा कर दिया, और लंड को एक ही बार में मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी हल्की चीख निकल गई।
सलीम बोला: साली बहुत लंड खाई हुई चूत है तेरी, और अब तुझे दर्द हो रहा है।
मैं सलीम को बोली: हां बहुत से लंड मैंने लिए हैं, पर आज 2 महीन बाद चुद रही हूं। ऊपर से तुमने एक ही बार में पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया।
सलीम मुझे जोर-शोर से चोदे जा रहा था। कभी मेरी गांड में थप्पड़ मारता, तो कभी जोर से मेरे चूचों को दबा देता। मुझे दर्द के साथ मजा भी आ रहा था। हम दोनों की आवाज बाथरूम में जोर से गूंज रही थी।
तभी बाहर से किसी ने बोला: सलीम भाई बहुत आवाज आ रही है बाहर तक, थोड़ा आराम से करो।
सलीम ने उसकी आवाज सुन कर दरवाजा खोल दिया। वो अंदर आ गया और दरवाजा बंद कर दिया।
मैं सलीम को बोली: छोड़ो मुझे जाना है।
तो सलीम बोला: डर मत पुजा, यह तेरे साथ कुछ नहीं करेगा। यह मेरे कुत्ते जैसा है।
सलीम मेरी चुदाई किये जा रहा था।
तभी सलीम उसको बोलता है: कुत्ते चल अपने मालिक और मालकिन की चूत और लंड चाट।
वो मेरे नीचे बैठ गया और मेरी चूत और सलीम के लंड को नीचे बैठ कर चाटने लगा। काफी देर बाद सलीम के लंड ने मेरी चूत को अपने पानी से भर दिया। सलीम ने अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर उसके मुंह में भर दिया। उसने भी सलीम के लंड को चाट कर साफ कर दिया। फिर सलीम उसको बोला-
सलीम: अपनी मालकिन की चूत भी चाट अच्छे से।
वो मेरी चूत को चाटने लगा। चूत से निकल रहे पानी को वो अच्छे से चाट रहा था। सलीम फिर वहीं पर पेशाब करने लगा और फिर मुझे बोला-
सलीम: पुजा तू भी करेगी पेशाब?
तो मैंने भी हां कर दी।
तो सलीम बोला: कुत्ते मुंह खोल और अपनी मालकिन के पेशाब को पी।
मुझे बहुत गंदा लगा, और मैं मना करने लगी। पर सलीम नहीं माना, तो मुझे उसके मुंह के अंदर पेशाब करने पड़ा। वो मेरा पेशाब पी गया। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और अपना मेकअप ठीक किया। बाहर निकलते हुए मैंने सलीम को अपना नम्बर दे दिया। अब मैं फिर से पार्टी में आ गई, और खाना खा कर हम अपने घर को निकल गए।
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