Uncle Ne Maa ko Dabocha
रात का समय था। घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। माँ, रीता, रसोई में बर्तन धो रही थीं। उनकी साड़ी की चोली से पसीना भरी छाती चमक रही थी। तभी दरवाजे की घंटी बजी। रीता ने हाथ पोंछे और दरवाजा खोला। बाहर खड़े थे उनके देवर, यानी अंकल राजेश। राजेश भाई साहब के छोटे भाई […]